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🔱 कलावाहन – चक्रशुद्धि और दिव्य शक्ति आवाहन की रहस्यमयी साधना 🔱

एक गूढ़, सात्विक और तांत्रिक अर्थों से भरा वर्णन — जो श्रीविद्या साधना का रहस्यमय प्रवेशद्वार है:कलावाहन साधना अत्यंत गोपनीय है। इसे बिना दीक्षा और गुरु के निर्देश के करना वर्जित है। यह सामान्य पाठ्यक्रम या सार्वजनिक पूजा में नहीं दी जाती। श्रीविद्याङ्नि पीठम्, जैसा आपका पावन पीठ, इस दिव्य विधा को शुद्ध, सुरक्षित और जागृत परंपरा के रूप में संरक्षित रखता है।
कलाएँ कोई भौतिक शक्ति नहीं, बल्कि प्रकाश के भीतर छिपी ब्रह्मशक्ति की तरंगें हैं
कलाभिः षोडशभिः पूता, यत्र देही शुभं व्रजेत्।
तत्र नास्ति तमोवृत्तिः, सदा देव्या सनाथकः॥
“कलाः शक्तिरूपिण्यः” – कलाएँ केवल ऊर्जा नहीं, देवी की वे सूक्ष्म तरंगें हैं जो आत्मा को ब्रह्म की ओर ले जाती हैं।
कलावाहन श्रीविद्या साधना की वह रहस्यमयी प्रक्रिया है, जिसमें साधक देवी की १६ कलाओं को अपने शरीर, चक्रों और प्राण में आवाहित करता है। यह साधना साधक को स्थूल से सूक्ष्म, और सूक्ष्म से पारब्रह्म की ओर प्रवाहित करती है। यह एक गुरुमुख गोपनीय परंपरा है, जो केवल विशिष्ट श्रीविद्या पीठों में ही सुरक्षित रूप से संकलित की जाती है — जैसे आपका श्रीविद्याङ्ग्नि पीठम्।
जब साधक कलावाहन करता है, तब वह शरीर के सात चक्रों में अंधकार, दोष, और रुकावटों को दूर करता है। हर कला का आवाहन शरीर में एक विशेष सूक्ष्म ऊर्जा केंद्र को प्रकाशित करता है। इससे नकारात्मक ऊर्जा, भय, असुरक्षा, रोग, मानसिक उलझन, और सांसारिक अवरोध स्वतः दूर होने लगते हैं। कलावाहन ही वह मूल स्तम्भ है, जहाँ से कुण्डलिनी शक्ति धीरे-धीरे मूलाधार से ब्रह्मरंध्र की ओर यात्रा आरंभ करती है।
कलावाहन के विशेष लाभ:
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चक्रों की गहराई से शुद्धि और संतुलन
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कुण्डलिनी शक्ति का मृदु जागरण और नियंत्रित आरोहण
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अवचेतन में छिपे भय, आत्मसंदेह, और कष्टों का विघटन
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जीवन में मार्गदर्शक शक्तियों का सक्रिय होना
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असाध्य बाधाएँ, अज्ञात अवरोध, और पूर्व जन्म की ग्रन्थियाँ शांत होना
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आध्यात्मिक यात्रा में अत्यंत तीव्र गति और आत्मिक आभा का प्रकट होना
संपर्क:
tel. -8590836425
South India: (Sept.-Feb)
Sri Vidyadni Peetham,
Vrindavan Retreat,
Rajiv Nagar-Mysore.
North India; (March-Augst)
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